कुरान - 37:44 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

44
عَلَىٰ سُرُرٖ مُّتَقَٰبِلِينَ

Transliteration: ('Alaa sururim mutaqaa bileen)

तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे [45]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 44 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 44

"तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे [45];"

[45] जन्नती महफ़िलें और आमने-सामने बैठना

अहले जन्नत तख़्तों पर हल्क़ा बना कर आमने-सामने बैठेंगे, किसी की पुश्त (पीठ) किसी दूसरे की तरफ़ न होगी। यह उनके बाहमी प्यार, उन्सियत और दिल के साफ़ होने की दलील है। दुनिया में ज़िक्र की मजालिस जन्नत की मजालिस से मुशाबहत रखती हैं।

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