कुरान - 37:42 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
فَوَٰكِهُ وَهُم مُّكۡرَمُونَ

Transliteration: (Fa waakihu wa hum mukramoon)

लज़ीज़ मेवे; और उनकी बड़ी इज़्ज़त-अफ़ज़ाई होगी [43], (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 42

"लज़ीज़ मेवे; और उनकी बड़ी इज़्ज़त-अफ़ज़ाई होगी [43],"

[43] इज़्ज़त और एज़ाज़ के साथ मेवे

जन्नत में मेवे सिर्फ़ भूख मिटाने के लिए नहीं होंगे, बल्कि अहले जन्नत की तफ़रीह, लुत्फ़ और इज़्ज़त-अफ़ज़ाई के तौर पर पेश किए जाएंगे। हर निवाले में अलग-अलग लज़्ज़त और ख़ुशबू होगी।

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