कुरान - 37:41 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ رِزۡقٞ مَّعۡلُومٞ

Transliteration: (Ulaaa'ika lahum rizqum ma'loom)

यही वे लोग हैं जिनके लिए एक जाना-पहचाना (मख़सूस) रिज़्क़ है [42], (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 41

"यही वे लोग हैं जिनके लिए एक जाना-पहचाना रिज़्क़ है [42],"

[42] जन्नत का बे-मिसाल और मुक़र्ररा रिज़्क़

जन्नत का रिज़्क़ ऐसा अज़ीम और लज़ीज़ है जिसे न किसी आंख ने देखा, न कान ने सुना और न किसी इंसान के दिल पर उसका ख़याल गुज़रा। अल्लाह तआला ने शबे मेअराज अपने हबीब हुज़ूर अकरम ﷺ को जन्नत की इन तमाम नेमतों और रिज़्क़ का मुशाहदा फ़रमा दिया था।

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