कुरान - 37:39 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
وَمَا تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Wa maa tujzawna illaa maa kuntum ta'maloon)

और तुम्हें बदला नहीं दिया जाएगा मगर उसी का जो तुम करते थे [40]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 39

"और तुम्हें बदला नहीं दिया जाएगा मगर उसी का जो तुम करते थे [40]!"

[40] जज़ा-ओ-सज़ा में कामिल इंसाफ़

जहन्नम अल्लाह के अदल और इंसाफ़ का इज़हार है, जबकि जन्नत उसके फ़ज़्ल और रहमत का। किसी पर ज़रा भी ज़ुल्म नहीं होगा; काफ़िरों को उनके गुनाहों और सरकशी के ऐन मुताबिक़ सज़ा मिलेगी।

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