Transliteration: (Innaa kazaalika najzil muhsineen)
"बेशक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [80]!"
जो बंदे दीन की ख़ातिर सब्र-ओ-इस्तक़ामत इख़्तियार करते हैं और नेकी की राह पर क़ायम रहते हैं, अल्लाह तआला उन्हें दुनिया में भी नेकनामी और आख़िरत में भी जन्नत की नेमतें अता फ़रमाता है।
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