कुरान - 37:80 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

80
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Innaa kazaalika najzil muhsineen)

बेशक हम नेकोकारों (मुहसिनीन) को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [80]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 80 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 80

"बेशक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं [80]!"

[80] एहसान और सब्र का अज़ीम बदला

जो बंदे दीन की ख़ातिर सब्र-ओ-इस्तक़ामत इख़्तियार करते हैं और नेकी की राह पर क़ायम रहते हैं, अल्लाह तआला उन्हें दुनिया में भी नेकनामी और आख़िरत में भी जन्नत की नेमतें अता फ़रमाता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now