कुरान - 37:78 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ

Transliteration: (Wa taraknaa 'alaihi fil aakhireen)

और हमने बाद की नस्लों में उनका नेक नाम (ज़िक्रे-ख़ैर) बाक़ी रखा [78]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 78

"और हमने बाद की नस्लों में उनका नेक नाम बाक़ी रखा [78];"

[78] ज़िक्रे जमील और दायमी इज़्ज़त

अल्लाह तआला ने क़ियामत तक आने वाली नस्लों और तमाम मज़ाहिब में हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की तारीफ़, सताइश और अज़ीम मर्तबा क़ायम फ़रमा दिया। हर दौर का इंसान उन्हें इज़्ज़त और मोहब्बत से याद करता है।

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