कुरान - 37:84 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبٖ سَلِيمٍ

Transliteration: (Iz jaaa'a Rabbahoo bi qalbin saleem)

जब वे अपने रब की बारगाह में सलामत (ख़ालिस) दिल लेकर हाज़िर हुए [84]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 84

"जब वे अपने रब की बारगाह में सलामत दिल लेकर हाज़िर हुए [84];"

[84] क़ल्ब-ए-सलीम की अज़मत

"क़ल्ब-ए-सलीम" वह दिल है जो शिर्क, शक, कीना, तकब्बुर, रियाकारी और दुनियावी लालच से बिल्कुल पाक हो और ख़ालिस अल्लाह की मोहब्बत और मारिफ़त से लबरेज़ हो। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का दिल ऐसा ही पाकीज़ा था।

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