कुरान - 37:92 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

92
مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ

Transliteration: (Maa lakum laa tantiqoon)

"तुम्हें क्या हुआ है कि तुम बोलते नहीं [92]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 92 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 92

"तुम्हें क्या हुआ है कि तुम बोलते नहीं [92]?"

[92] बुतों की बे-बसी और आजिज़पना

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ख़ूब जानते थे कि ये बे-जान पत्थर न बोल सकते हैं और न सुन सकते हैं। आपने ग़ज़बनाक होकर यह जुमला बुतों की लाचारी और मुशरिक़ीन की खुली बेवक़ूफ़ी को ज़ाहिर करने के लिए फ़रमाया।

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