कुरान - 37:91 सूरह अस-साफ़्फ़ात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

91
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Faraagha ilaaa aalihatihim faqaala alaa taakuloon)

फिर वे चुपके से उनके बुतों के पास गए और (तंज़ से) फ़रमाया: "क्या तुम (नज़्रानों का खाना) नहीं खाते [91]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अस-साफ़्फ़ात आयत 91 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अस-साफ़्फ़ात तफ़सीर - आयत 91

"फिर वे चुपके से उनके बुतों के पास गए और फ़रमाया: 'क्या तुम नहीं खाते [91]?'"

[91] बुतों के आगे रखे नज़्रानों पर तंज़

काफ़िर जब मेले में चले गए, तो हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) उनके अज़ीम बुतख़ाने में तशरीफ़ ले गए। मुशरिक़ों ने बुतों के सामने तरह-तरह के लज़ीज़ खाने और मेवे नज़्रानों के तौर पर रखे हुए थे कि बुत इनमें बरकत डालेंगे। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने तंज़िया अंदाज़ में पत्थरों के बुतों से फ़रमाया कि तुम्हारे आगे इतने खाने सजे हैं, तुम खाते क्यों नहीं?

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