कुरान - 26:10 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
وَإِذۡ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱئۡتِ ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Transliteration: (Wa iz naadaa Rabbuka Moosaaa ani'-til qawmaz zaalimeen)

और (याद कीजिए) [12] जब आपके रब ने मूसा को पुकारा कि, 'तुम उस ज़ालिम क़ौम के पास जाओ; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 10

"और याद कीजिए [12] जब आपके रब ने मूसा को पुकारा कि, 'ज़ालिम क़ौम के पास जाओ;'"

[12] हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को कोह-ए-तूर पर निदा-ए-इलाही

यहाँ से हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का वाक़िया शुरू होता है जब वादी-ए-अयमन (कोह-ए-तूर) में अल्लाह तआला ने बे-वास्ता कलाम फ़रमाकर आपको मन्सब-ए-रिसालत अता फ़रमाया और हुक्म दिया कि फ़िरऔन की ज़ालिम क़ौम के पास जाओ जिसने बनी इसराईल पर ज़ुल्म की इन्तिहा कर रखी थी।

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