कुरान - 26:9 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ

Transliteration: (Wa inna Rabbaka la Huwal 'Azeezur Raheem (section 1))

और बेशक आपका रब ही ज़बरदस्त ग़ालिब है, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [11]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 9

"और बेशक आपका रब ही ज़बरदस्त ग़ालिब है, निहायत रहम फ़रमाने वाला है [11]।"

[11] 'अल-अज़ीज़' और 'अर-रहीम' की हिकमत

अल्लाह तआला 'अज़ीज़' (ज़बरदस्त ग़ालिब) है यानी अपने मुनकिरीन और सरकशों से इंतिहाम लेने और उन्हें तबाह करने पर पूरी क़ुदरत रखता है; और वह 'रहीम' (निहायत मेहरबान) है कि गुनाहगारों को फ़ौरन हलाक नहीं करता बल्कि तौबा की मोहलत देता है और अहले-ईमान पर अपनी ख़ास रहमत फ़रमाता है। यह आयत-ए-मुबारका सूरह अश-शुआरा में बार-बार हर क़ौम के क़िस्से के आख़िर में दोहराई गई है।

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