कुरान - 26:106 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Iz qaala lahum akhoohum Noohun alaa tattaqoon)

जब उनके भाई नूह ने उनसे कहा, 'क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं [109]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 106

"जब उनके भाई नूह ने उनसे कहा, 'क्या तुम डरते नहीं [109]?'"

[109] नबी की ख़ुलूस-भरी दावत और तक़वा की ताकीद

हज़रत नूह को 'उनका भाई' इसलिए फ़रमाया गया कि आप उसी क़ौम के एक फ़र्द थे, उनका नसब, भाषा और किरदार सब उनके सामने रोशन था। आपने निहायत शफ़क़त व हमदर्दी से फ़रमाया कि शिर्क और बुतपरस्ती छोड़कर अल्लाह से डरो और उसके अज़ाब से बचने की फ़िक्र करो।

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