Transliteration: (Fattaqullaaha wa atee'oon)
"पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [111];"
अल्लाह की रज़ा और नजात हासिल करने का वाहिद ज़रिया यह है कि दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ हो और अमली ज़िन्दगी में रसूल की फ़रमांबरदारी की जाए। रसूल की इताअत के बग़ैर अल्लाह की इबादत का कोई दावा सच्चा नहीं हो सकता।
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