कुरान - 26:108 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ

Transliteration: (Fattaqullaaha wa atee'oon)

पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [111]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 108

"पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [111];"

[111] अल्लाह का तक़वा और रसूल की इताअत लाज़िम व मलज़ूम

अल्लाह की रज़ा और नजात हासिल करने का वाहिद ज़रिया यह है कि दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ हो और अमली ज़िन्दगी में रसूल की फ़रमांबरदारी की जाए। रसूल की इताअत के बग़ैर अल्लाह की इबादत का कोई दावा सच्चा नहीं हो सकता।

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