कुरान - 26:110 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

110
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ

Transliteration: (Fattaqul laaha wa atee'oon)

पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 110 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 110

"पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो।'"

हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने दोबारा इस बात पर ज़ोर दिया ताकि क़ौम के दिलों में यह बात अच्छी तरह बैठ जाए कि अल्लाह की नाफ़रमानी से बचो और मेरे बताए हुए रास्ते पर चलो, क्योंकि इसी में तुम्हारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।

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