कुरान - 26:112 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

112
قَالَ وَمَا عِلۡمِي بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Qaala wa maa 'ilmee bimaa kaanoo ya'maloon)

(नूह ने) फ़रमाया, 'मुझे क्या मालूम कि वे (पहले) क्या करते रहे हैं [114]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 112 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 112

"(नूह ने) फ़रमाया, 'मुझे क्या मालूम कि वे क्या करते रहे हैं [114]?"

[114] मोमिनीन के बातिन और नीयतों की ज़िम्मेदारी

हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया कि मुझे उनके पेशे, ग़ुरबत या माज़ी के हालात से कोई बहस नहीं। उन्होंने ज़ाहिरी तौर पर कलमा पढ़ा और सच्चा ईमान लाए, यही मेरे लिए काफ़ी है। उनके दिलों का हाल और नीयतें अल्लाह के इल्म में हैं, मुझे उनके बातिन की छानबीन करने का मुकल्लफ़ नहीं बनाया गया।

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