कुरान - 26:113 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

113
إِنۡ حِسَابُهُمۡ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّيۖ لَوۡ تَشۡعُرُونَ

Transliteration: (In hisaabuhum illaa 'alaa Rabbee law tash'uroon)

उनका हिसाब तो सिर्फ़ मेरे रब के ज़िम्मे है, अगर तुम कुछ समझ रखते हो [115]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 113 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 113

"उनका हिसाब तो सिर्फ़ मेरे रब के ज़िम्मे है, अगर तुम कुछ समझ रखते हो [115]!"

[115] दिलों का हिसाब अल्लाह के सुपुर्द

अल्लाह तआला ही दिलों के भेदों और नियतों का जानने वाला है और वही क़ियामत के दिन हर शख़्स का हिसाब लेगा। किसी इंसान को यह हक़ नहीं पहुंचता कि वह दूसरों के ईमान और नीयत पर उंगली उठाए और अपनी ज़ात को दूसरों से बेहतर समझे।

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