Transliteration: (Wa maaa as'alukum 'alaihi min ajrin in ajriya illaa 'alaa Rabbil 'aalameen)
"और मैं इस पर तुमसे कोई उजरत नहीं मांगता; मेरा अजर तमाम जहानों के रब के ज़िम्मे है [145];"
हज़रत सालेह ने साफ़ कर दिया कि मुझे तुमसे माल, दौलत या सरदारी का कोई लालच नहीं। मेरी दावत महज़ अल्लाह की रज़ा के लिए है और मेरा अज्र सिर्फ़ रब्बुल आलमीन के फ़ज़ल पर मौक़ूफ़ है।
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