कुरान - 26:146 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

146
أَتُتۡرَكُونَ فِي مَا هَٰهُنَآ ءَامِنِينَ

Transliteration: (Atutrakoona fee maa haahunnaaa aamineen)

क्या तुम उन चीज़ों में जो यहाँ (दुनिया में) हैं हमेशा अमन व चैन से रहने दिए जाओगे [146]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 146 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 146

"क्या तुम उन चीज़ों में जो यहाँ हैं हमेशा अमन व चैन से रहने दिए जाओगे [146]?"

[146] दुनियावी ऐशो-इशरत की ग़फ़लत पर तंबीह

हज़रत सालेह ने अपनी क़ौम को झिंझोड़ते हुए फ़रमाया कि क्या तुमने यह समझ रखा है कि तुम इन बाग़ों, महलों और ऐश की नेमतों में हमेशा अमन व अमान से ज़िन्दा रहोगे और तुम्हें कोई मौत या अज़ाब नहीं आएगा? यह ग़फ़लत और धोका है।

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