कुरान - 26:147 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

147
فِي جَنَّـٰتٖ وَعُيُونٖ

Transliteration: (Fee jannaatinw wa 'uyoon)

बाग़ात और जारी चश्मों में [147]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 147 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 147

"बाग़ात और जारी चश्मों में [147];"

[147] क़ौम-ए-समूद की सरसब्ज़ी और चश्मे

अल्लाह तआला ने वादी-ए-हिज्र में उन्हें भरपूर पानी के चश्मे और घने बाग़ात अता फ़रमाए थे जो उनकी खुशहाली का सबब थे, मगर वे इन नेमतों को पाकर ख़ुदा को भूल बैठे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now