Transliteration: (Wa tanhitoona minal jibaali buyootan faariheen)
"और तुम पहाड़ों को तराश कर उनमें घर बनाते हो [149]!"
क़ौम-ए-समूद संगतराशी और नक्काशी में बेमिसाल महारत रखती थी। वे पहाड़ों के सीनों को चीर कर ऐसे आलीशान और नफ़ीस महल तराशते थे जो आज भी मदाइन-ए-सालेह में बतौर-ए-इबरत मौजूद हैं। लेकिन वे इस हुनरमंदी पर इतराते और तकब्बुर करते थे।
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