कुरान - 26:149 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

149
وَتَنۡحِتُونَ مِنَ ٱلۡجِبَالِ بُيُوتٗا فَٰرِهِينَ

Transliteration: (Wa tanhitoona minal jibaali buyootan faariheen)

और तुम बड़े हुनर और नाज़-नख़रे (फ़ख़्र) के साथ पहाड़ों को तराश-तराश कर उनमें घर बनाते हो [149]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 149 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 149

"और तुम पहाड़ों को तराश कर उनमें घर बनाते हो [149]!"

[149] पहाड़ों में संगतराशी और तकब्बुर

क़ौम-ए-समूद संगतराशी और नक्काशी में बेमिसाल महारत रखती थी। वे पहाड़ों के सीनों को चीर कर ऐसे आलीशान और नफ़ीस महल तराशते थे जो आज भी मदाइन-ए-सालेह में बतौर-ए-इबरत मौजूद हैं। लेकिन वे इस हुनरमंदी पर इतराते और तकब्बुर करते थे।

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