कुरान - 26:150 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

150
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ

Transliteration: (Fattaqul laaha wa atee'oon)

पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [150]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 150 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 150

"पस अल्लाह से डरो और मेरी इताअत करो [150];"

[150] फ़ख़्र व गुरूर छोड़कर बन्दगी की राह

हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम ने दोबारा ताकीद फ़रमाई कि इन पत्थरों की तराश-ख़राश और दौलत के घमंड से निकलो, अल्लाह के कह्र से डरो और सच्चे दिल से मेरी हिदायत पर अमल करो।

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