कुरान - 26:148 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

148
وَزُرُوعٖ وَنَخۡلٖ طَلۡعُهَا هَضِيمٞ

Transliteration: (Wa zuroo inw wa nakhlin tal 'uhaa hadeem)

और खेतों और खजूरों के दरख़्तों में जिनके गुच्छे निहायत घने और रसीले हैं [148]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 148 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 148

"और खेतों और खजूरों के दरख़्तों में जिनके गुच्छे निहायत घने हैं [148];"

[148] 'हज़ीम' (रसीले, नाज़ुक और लदे हुए खजूर)

क़ुरआन में 'हज़ीम' फ़रमाया गया यानी ऐसे खजूर के दरख़्त जिनके फल निहायत पके हुए, नाज़ुक, रसीले और वज़नी गुच्छों से लदे हुए थे। यह अल्लाह की ख़ास नेमत थी जिसका तक़ाज़ा शुक्रगुज़ारी था न कि सरकशी।

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