Transliteration: (Wa amtarnaa 'alaihim mataran fasaaa'a matarul munzareen)
"और हमने उन पर पत्थरों की बारिश बरसाई [171]; पस बहुत ही बुरी बारिश थी उन पर जिन्हें डराया जा चुका था [172]!"
बस्तियों को उलटने के साथ-साथ उन पर आसमान से कंकरियों और पकी हुई मिट्टी के पत्थरों (सिज्जील) की बारिश बरसाई गई। हर पत्थर पर उस मुजरिम का नाम लिखा हुआ था जिसके सर पर वह गिरता था।
जिन्हें बार-बार नबियों ने अल्लाह के अज़ाब से डराया था मगर वे बाज़ न आए, उनके लिए यह पत्थरों की बारिश इन्तिहाई रुसवाकुन और बदतरीन बारिश साबित हुई।
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