कुरान - 26:176 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

176
كَذَّبَ أَصۡحَٰبُ لۡـَٔيۡكَةِ ٱلۡمُرۡسَلِينَ

Transliteration: (Kazzaba As haabul Aykatil mursaleen)

जंगल (बन) वालों (असहाबुल ऐका) ने रसूलों को झुठलाया [176]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 176 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 176

"जंगल वालों ने रसूलों को झुठलाया [176];"

[176] 'असहाबुल ऐका' (घने बाग़ व जंगल वाले)

'ऐका' घने जंगल और बाग़ को कहते हैं। यह हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम की उम्मत थी जो मदयन के क़रीब दरख़्तों और बाग़ात के दरमियान आबाद थी। वे दरख़्तों की पूजा करते थे और नाप-तौल में डाका डालते थे। उन्होंने भी अपने नबी को झुठलाया।

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