कुरान - 26:204 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

204
أَفَبِعَذَابِنَا يَسۡتَعۡجِلُونَ

Transliteration: (Afabi 'azaabinaa yasta'jiloon)

तो क्या वे हमारे अज़ाब की जल्दी मचा रहे हैं [202]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 204 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 204

"तो क्या वे हमारे अज़ाब की जल्दी मचा रहे हैं [202]?"

[202] मुशरिकों की गुस्ताख़ी और इस्तेहज़ा पर तंबीह

मक्के के मुशरिक नबी-ए-करीम ﷺ से मज़ाक़ के तौर पर कहते थे कि अगर तुम सच्चे हो तो वह अज़ाब हम पर क्यों नहीं ले आते? अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि क्या ये नादान उस अज़ाब की जल्दी मचा रहे हैं जिसकी एक झलक भी ये बर्दाश्त नहीं कर सकते?

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