कुरान - 26:203 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

203
فَيَقُولُواْ هَلۡ نَحۡنُ مُنظَرُونَ

Transliteration: (Fa yaqooloo hal nahnu munzaroon)

फिर वे (हसरत से) कहेंगे, 'क्या हमें कुछ मोहलत मिल सकती है [201]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 203 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 203

"फिर वे कहेंगे, 'क्या हमें कुछ मोहलत मिल सकती है [201]?'"

[201] हसरत भरी बेसूद मोहलत की तलब

अज़ाब के शिकंजे में कस जाने के बाद काफ़िर गिड़गिड़ा कर भीख मांगेंगे कि हमें तौबा करने के लिए थोड़ी सी मोहलत दे दी जाए, मगर उस वक़्त मोहलत का दरवाज़ा हमेशा के लिए बन्द हो चुका होगा।

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