कुरान - 26:202 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

202
فَيَأۡتِيَهُم بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Fayaatiyahum baghtatanw wa hum laa yash'uroon)

पस वह (अज़ाब) अचानक उन पर आ धमकेगा जबकि उन्हें ख़बर भी न होगी; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 202 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 202

"पस वह अज़ाब अचानक उन पर आ धमकेगा जबकि उन्हें ख़बर भी न होगी;"

अल्लाह का अज़ाब हमेशा उस वक़्त अचानक आता है जब मुजरिम अपनी ग़फ़लत, ऐश और नाफ़रमानियों में मस्त होते हैं और उन्हें दूर-दूर तक तबाही का ख़याल भी नहीं होता।

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