कुरान - 26:200 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

200
كَذَٰلِكَ سَلَكۡنَٰهُ فِي قُلُوبِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ

Transliteration: (Kazaalika salaknaahu fee quloobil mujrimeen)

इसी तरह हमने इस (झुठलाने और कुफ़्र) को मुजरिमों के दिलों में पैवस्त (दाख़िल) कर दिया है [199]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 200 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 200

"इसी तरह हमने इस झुठलाने को मुजरिमों के दिलों में पैवस्त कर दिया है [199];"

[199] मुसलसल गुनाहों की पादाश में दिलों का मुहर-बंद होना

जब इंसान लगातार हक़ को ठुकराता है और गुनाह व तकब्बुर पर इसरार करता है, तो अल्लाह की सुन्नत के मुताबिक़ उसके दिल पर ऐसी कालिख और सख़्ती छा जाती है कि हिदायत की कोई रौशनी उसके अंदर दाख़िल नहीं हो पाती।

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