कुरान - 26:207 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

207
مَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يُمَتَّعُونَ

Transliteration: (Maaa aghnaaa 'anhum maa kaanoo yumatta'oon)

तो जो कुछ वे ऐश व आराम करते रहे थे, वह उनके किस काम आएगा [203]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 207 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 207

"तो जो वे ऐश करते रहे थे, वह उनके किस काम आएगा [203]?"

[203] दुनियावी ऐशो-इशरत की बे-हक़ीक़ती

हज़ारों साल की दुनियावी राहत और ऐश भी जहन्नम के एक लम्हे के अज़ाब के सामने काफूर हो जाएगी। काफ़िर को जब दोज़ख़ में एक गोता दिया जाएगा तो वह कहेगा कि मैंने ज़िन्दगी में कभी कोई सुख देखा ही नहीं था। दुनिया की फ़ानी लज़्ज़तें आख़िरत के अज़ाब को ज़रा भी कम नहीं कर सकतीं।

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