कुरान - 26:222 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

222
تَنَزَّلُ عَلَىٰ كُلِّ أَفَّاكٍ أَثِيمٖ

Transliteration: (Tanazzalu 'alaa kulli affaakin aseem)

वे हर झूठे, सख़्त गुनहगार पर उतरते हैं [218]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 222 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 222

"वे हर झूठे, सख़्त गुनहगार पर उतरते हैं [218];"

[218] शैतानों का मरकज़: झूठे और बदकार लोग

शैतान काहिनों, नजूमियों, झूठे जादूगरों और बदकार फ़ासिक़ों पर उतरते हैं जो झूठ बोलने और गुनाह करने के आदी होते हैं। हुज़ूर ﷺ तो मासूम, मुजस्सम-ए-हक़ और सादिक़ व अमीन हैं, आपका शैतानों से क्या मुवाज़ना!

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