कुरान - 26:223 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

223
يُلۡقُونَ ٱلسَّمۡعَ وَأَكۡثَرُهُمۡ كَٰذِبُونَ

Transliteration: (Yulqoonas sam'a wa aksaruhum kaaziboon)

वे (शैतानों की तरफ़) कान लगाते हैं, और उनमें से अक्सर झूठे होते हैं [219]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 223 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 223

"वे कान लगाते हैं, और उनमें से अक्सर झूठे होते हैं [219]।"

[219] काहिनों की झूठी पेशीनगोइयां

शैतान अगर कभी कोई आधी-अधूरी बात आसमान से उचक लेते हैं तो वे उसमें सौ झूठ अपनी तरफ़ से मिलाकर अपने काहिन दोस्तों के कानों में फूंक देते हैं। फिर वे काहिन लोगों को बहकाने के लिए झूठी भविष्यवाणियां करते हैं।

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