कुरान - 26:25 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
قَالَ لِمَنۡ حَوۡلَهُۥٓ أَلَا تَسۡتَمِعُونَ

Transliteration: (Qaala liman hawlahooo alaa tastami'oon)

(फ़िरऔन ने) अपने आस-पास वालों (दरबारियों) से कहा, 'क्या तुम सुनते नहीं हो [34]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 25

"(फ़िरऔन ने) अपने दरबारियों से कहा, 'क्या तुम सुनते नहीं हो [34]?'"

[34] फ़िरऔन का मज़ाक़ उड़ाना और दरबारी प्रोपेगैंडा

फ़िरऔन हज़रत मूसा की इस मुदल्लल दलील का कोई जवाब न दे सका, तो उसने अपने मंत्रियों और सरदारों की तरफ़ देखकर हँसते हुए मज़ाक़ उड़ाया: क्या तुम सुनते नहीं कि यह क्या अजीब बातें कर रहा है? वह लोगों का ध्यान भटकाना चाहता था।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now