कुरान - 26:61 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
فَلَمَّا تَرَـٰٓءَا ٱلۡجَمۡعَانِ قَالَ أَصۡحَٰبُ مُوسَىٰٓ إِنَّا لَمُدۡرَكُونَ

Transliteration: (Tabaarakal lazee ja'ala fis samaaa'i buroojanw wa ja'ala feehaa siraajanw wa qamaran muneeraa)

फिर जब दोनों जमाअतों ने एक-दूसरे को देख लिया, तो मूसा के साथियों ने चीख़ कर कहा, 'बेशक हम तो पकड़ लिए गए [68]!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 61

"फिर जब दोनों जमाअतों ने एक-दूसरे को देखा, तो मूसा के साथियों ने कहा, 'हम पकड़ लिए गए [68]!'"

[68] समंदर और लश्कर के दरमियान घिराव

बनी इसराईल जब बहर-ए-क़ुलज़ुम (लाल सागर) के किनारे पहुंचे, तो आगे अथाह गहरा समंदर था और पीछे फ़िरऔन का लाखों का ख़ूंख़्वार लश्कर हथियारों से लैस सर पर आ पहुंचा। बनी इसराईल घबराकर चीख़ उठे कि अब हमारे बचने का कोई रास्ता नहीं, हम पकड़े गए और क़त्ल कर दिए जाएंगे।

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