Transliteration: (Wa uzlifatil Jannatu lilmuttaqeen)
"और जन्नत मुत्तक़ी लोगों के बिल्कुल क़रीब ला दी जाएगी [96];"
क़ियामत के दिन अल्लाह तआला अपने परहेज़गार, बा-ईमान बन्दों के एज़ाज़ व इकराम के लिए जन्नत को उनके बिल्कुल नज़दीक फ़रमा देगा ताकि वे महशर की धूप और घबराहट से महफ़ूज़ होकर जन्नत की ठंडी हवाओं, ख़ुशबुओं और नहरों का नज़ारा कर सकें और उनका दिल शादमां हो जाए।
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