कुरान - 26:88 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
يَوۡمَ لَا يَنفَعُ مَالٞ وَلَا بَنُونَ

Transliteration: (Yawma laa yanfa'u maalunw wa laa banoon)

जिस दिन न तो कोई माल काम आएगा और न ही औलाद (फ़ायदा देगी) [94]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 88

"जिस दिन न कोई माल काम आएगा और न ही औलाद [94];"

[94] दुनियावी दौलत और कुन्बे की बे-फ़ायदेगी

क़ियामत के दिन दुनिया का जमा किया हुआ कोई माल, ख़ज़ाना या रुपया-पैसा किसी इंसान को अज़ाब से नहीं बचा सकेगा, और न ही बेटे, रिश्तेदार या क़बीला कोई मदद कर सकेंगे। हर इंसान अपनी जान की फ़िक्र में मुब्तला होगा ('यौमा यफ़िर्रुल मरु मिन अख़ीह')।

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