कुरान - 26:86 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

86
وَٱغۡفِرۡ لِأَبِيٓ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ

Transliteration: (Waghfir li abeee innahoo kaana mind daalleen)

और मेरे बाप (चचा आज़र) को बख़्श दे; बेशक वह भटके हुए लोगों में से था [92]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 86 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 86

"और मेरे बाप को बख़्श दे; बेशक वह भटके हुए लोगों में से था [92];"

[92] आज़र के लिए इस्तिग़फ़ार का पसे-मंज़र

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने चचा आज़र (जिसे अरबी में बाप भी कहा जाता है) के लिए उसके कुफ़्र की हालत में मग़फ़िरत की दुआ उस वादे की बिना पर की थी जो आपने उससे किया था ('स-अस्तग़फ़िरु लका रब्बी')। जब अल्लाह तआला ने वाज़ेह फ़रमा दिया कि वह अल्लाह का पक्का दुश्मन है और कुफ़्र पर ही मरेगा, तो हज़रत इब्राहीम उससे बिल्कुल बेज़ार और अलग हो गए।

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