कुरान - 26:84 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
وَٱجۡعَل لِّي لِسَانَ صِدۡقٖ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ

Transliteration: (Waj'al lee lisaana sidqin fil aakhireen)

और बाद में आने वाली नस्लों में मेरे लिए सच्चा (और उम्दा) ज़िक्र जारी रख [90]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 84

"और बाद में आने वाली नस्लों में मेरे लिए सच्चा ज़िक्र जारी रख [90];"

[90] 'लेसाने-सिद्क़' यानी दायमी नेक नामी

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने दुआ मांगी कि क़ियामत तक आने वाले तमाम अहले-ईमान के दिलों में मेरी सच्ची तारीफ़, अज़मत और दुरूद-ओ-सलाम जारी रख। अल्लाह तआला ने इस दुआ को ऐसा क़बूल फ़रमाया कि हर नमाज़ के तशह्हुद में क़ियामत तक 'दुरूद-ए-इब्राहीमी' पढ़ा जाता है और यहूदी, ईसाई, मुसलमान सब हज़रत इब्राहीम का एहतिराम करते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now