कुरान - 26:89 सूरह अश-शुअरा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

89
إِلَّا مَنۡ أَتَى ٱللَّهَ بِقَلۡبٖ سَلِيمٖ

Transliteration: (Illaa man atal laaha biqalbin saleem)

सिवाय उस शख़्स के जो अल्लाह के हुज़ूर सलामत दिल (क़ल्ब-ए-सलीम) लेकर हाज़िर हुआ हो [95]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अश-शुअरा आयत 89 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अश-शुआरा – आयत 89

"सिवाय उसके जो अल्लाह के हुज़ूर सलामत दिल लेकर हाज़िर हुआ [95]!"

[95] 'क़ल्ब-ए-सलीम' (साफ़ व पाकीज़ा दिल) की अहमियत

क़ियामत के दिन नजात का दारोमदार सिर्फ़ 'क़ल्ब-ए-सलीम' पर होगा—यानी ऐसा दिल जो शिर्क, कुफ़्र, बद-अक़ीदगी, रियाकारी, कीना, हसद, बुग़्ज़ और दुनियावी मुहब्बत से पाक हो और अल्लाह व रसूल ﷺ के सच्चे ईमान और मुहब्बत से आबाद हो। जिसका दिल सलामत होगा, वही उस दिन कामयाब व कामरान होगा।

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