कुरान - 81:14 सूरह अत-तक्वीर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
عَلِمَتۡ نَفۡسٞ مَّآ أَحۡضَرَتۡ

Transliteration: ('Alimat nafsum maaa ahdarat)

14. तब हर आत्मा जान लेगी कि उसने क्या आगे भेजा है [11]. (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अत-तक्वीर आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

क़ियामत के दिन हर आत्मा अपने किए को जान लेगी (Every Soul Shall Know What It Has Brought Forward on the Day of Judgment)

"फिर हर आत्मा यह जान लेगी कि उसने क्या आगे भेजा है।" (सूरह अल-तकवीर: 14)

यह आयत इस बात को दर्शाती है कि क़ियामत के दिन हर व्यक्ति अपने सभी कर्मों को याद करेगा, चाहे वे अच्छे हों या बुरे, और वह पूरी तरह से जान जाएगा कि उसने अपने जीवन में क्या किया है।

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