Transliteration: (Al jawaaril kunnas )
"जो सीधा चलते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।" (सूरह अल-तकवीर: 16)
हज़रत अली मुर्तज़ा (रज़ीअल्लाह अन्हु) ने इसका अर्थ यह बताया कि यह पांच सितारों के बारे में है जिन्हें "अद्भुत पाँच" कहा जाता है — शनि, बृहस्पति, मंगल, शुक्र, और बुध। ये सितारे अपनी गोलाकार गति के कारण अलग-अलग तरीके से चलते हैं: कभी तेज़ी से आगे बढ़ते हुए, कभी स्थिर दिखाई देते हैं, और कभी कभी पीछे की ओर चलते हुए दिखाई देते हैं, जैसा कि ज्योतिषियों ने देखा है। यह आयत इन आकाशीय पिंडों की असाधारण गति और हलचल को उजागर करती है।
आगे की गति: शनि, बृहस्पति, मंगल, शुक्र, और बुध सभी सूर्य के चारों ओर नियमित कक्षाओं में घूमते हैं, जो उनके "सीधे" आगे बढ़ने की गति के अनुरूप है, जैसा कि ग्रहों की गति में हम समझते हैं।
स्थिर दिखाई देना: कभी-कभी, पृथ्वी और अन्य ग्रहों के कक्षीय स्थानों के कारण, कोई ग्रह आकाश में स्थिर दिखाई देता है। यह तब होता है जब ग्रह पृथ्वी के मुकाबले अपनी गति के चरम पर होता है।
पिछे की गति (रिट्रोग्रेड मोशन): रिट्रोग्रेड मोशन एक ग्रह की आकाश में पीछे की ओर चलने जैसी दिखाई देती गति है, जब पृथ्वी अपनी कक्षा में तेज़ी से चलती है और दूसरे ग्रह को ओवरटेक कर लेती है, जिससे वह ग्रह आकाश में पीछे की ओर चलता हुआ प्रतीत होता है। यह घटना अक्सर मंगल, शुक्र, और बुध के साथ देखी जाती है।
ग्रहों की इस गति का विवरण आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान से मेल खाता है, जो कुरआनी दृष्टिकोण को आकाशीय गतियों के संदर्भ में और मजबूत करता है।
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