कुरान - 11:73 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
قَالُوٓاْ أَتَعۡجَبِينَ مِنۡ أَمۡرِ ٱللَّهِۖ رَحۡمَتُ ٱللَّهِ وَبَرَكَٰتُهُۥ عَلَيۡكُمۡ أَهۡلَ ٱلۡبَيۡتِۚ إِنَّهُۥ حَمِيدٞ مَّجِيدٞ

Transliteration: (Qaalooo ata'jabeena min amril laahi rahmatul laahi wa barakaatuhoo 'alaikum Ahlal Bayt; innahoo Hameedun Majeed)

फ़रिश्तों ने कहा, 'क्या तुम अल्लाह के हुक्म पर ताज्जुब करती हो? अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें तुम पर हों, ऐ घर वालो [150]! बेशक वही हर तारीफ़ के लायक़, बुजुर्गी वाला है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 73 की तफ़्सीर

✅ [150] अहले बैत में बीवियों की शमूलियत

फ़रिश्तों ने हज़रत सारा (रज़ि.) को 'अहले बैत' (घर वाले) कहकर मुख़ातब किया। इससे साबित हुआ कि नबी की बीवियां अहले बैत में शामिल होती हैं। अल्लाह की क़ुदरत के आगे कोई चीज़ मुश्किल नहीं।

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