कुरान - 11:72 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
قَالَتۡ يَٰوَيۡلَتَىٰٓ ءَأَلِدُ وَأَنَا۠ عَجُوزٞ وَهَٰذَا بَعۡلِي شَيۡخًاۖ إِنَّ هَٰذَا لَشَيۡءٌ عَجِيبٞ

Transliteration: (Qaalat yaa wailataaa 'aalidu wa ana 'ajoozunw wa haaza ba'lee shaikhan inna haazaa lashai'un 'ajeeb)

वह बोलीं, 'हाय मेरी ख़राबी! क्या मेरे बच्चा होगा जबकि मैं बुढ़िया हूँ और यह मेरे शौहर बूढ़े हैं? बेशक यह तो बड़ी अजीब बात है' [148, 149]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 72 की तफ़्सीर

✅ [148] ज़ईफ़ी में औलाद पर तअज्जुब

हज़रत सारा ने तअज्जुब से फ़रमाया कि मेरी उम्र ९० या ९९ साल की हो चुकी है और हज़रत इब्राहीम (अलै.) १२० साल के हैं, इस उम्र में आम तौर पर औलाद नहीं होती।

✅ [149] क़ुदरते इलाही की अज़ीम शान

ज़ाहिरी असबाब के ख़िलाफ़ बुढ़ापे में औलाद का होना अल्लाह तआला की क़ुदरते कामिला का खुला मोजिज़ा था।

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