कुरान - 14:17 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
يَتَجَرَّعُهُۥ وَلَا يَكَادُ يُسِيغُهُۥ وَيَأۡتِيهِ ٱلۡمَوۡتُ مِن كُلِّ مَكَانٖ وَمَا هُوَ بِمَيِّتٖۖ وَمِن وَرَآئِهِۦ عَذَابٌ غَلِيظٞ

Transliteration: (Yatajarra'uhoo wa laa yakaadu yuseeghuhoo wa ya'teehil mawtu min kulli makaaninw wa maa huwa bimaiyitinw wa minw waraaa'ihee 'azaabun ghaleez)

वह उसे घूंट-घूंट करके बड़ी कठिनाई से गले से उतारेगा और उसे निगलना उसके लिए लगभग असंभव होगा, और हर दिशा से उस पर मौत आ रही होगी परन्तु वह मरेगा नहीं; और उसके आगे एक अत्यधिक कठोर अज़ाब लगा रहेगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 17 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] मौत की तड़प मगर मौत नहीं

जहन्नमी उस खौलते पीप को सख़्त घिन और बदबू के कारण गले से उतार नहीं पाएगा। यातना की ऐसी भयानकता होगी कि शरीर का हर अंग मौत की मांग करेगा, मगर वहाँ मौत नहीं आएगी ताकि सज़ा का सिलसिला निरंतर चलता रहे।

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