कुरान - 14:1 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
الٓرۚ كِتَٰبٌ أَنزَلۡنَٰهُ إِلَيۡكَ لِتُخۡرِجَ ٱلنَّاسَ مِنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ بِإِذۡنِ رَبِّهِمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَمِيدِ

Transliteration: (Alif-Laaam-Raa; Kitaabun anzalnaahu ilaika litukhrijan-naasa minaz zulumaati ilan noori bi-izni Rabbihim ilaa siraatil 'Azeezil Hameed)

अलिफ़-लाम-रा। यह एक महान किताब है जिसे हमने आपकी ओर नाज़िल किया है ताकि आप लोगों को उनके रब की अनुमति से अंधेरों से निकाल कर प्रकाश (नूर) की ओर लाएं—उस प्रभु के मार्ग की ओर जो बड़ा प्रभुत्वशाली, प्रशंसित (अल-अज़ीज़, अल-हमीद) है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 1 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] क़ुरआन का उद्देश्य: अंधेरों से उजाले की ओर

क़ुरआन-ए-मजीद के अवतरण का सर्वोच्च उद्देश्य यह है कि वह मानवता को कुफ़्र, अज्ञानता, शिर्क और बुराइयों के घने अंधेरों से निकालकर ईमान, तौहीद और नेकी के दिव्य प्रकाश (नूर) में ले आए।

✅ [2] अल-अज़ीज़ और अल-हमीद

यह सीधा मार्ग उस अल्लाह का है जो सब पर ग़ालिब (प्रभुत्वशाली) है और जिसके सभी कर्म और गुण स्वतः प्रशंसनीय हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now