कुरान - 14:5 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا مُوسَىٰ بِـَٔايَٰتِنَآ أَنۡ أَخۡرِجۡ قَوۡمَكَ مِنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ وَذَكِّرۡهُم بِأَيَّىٰمِ ٱللَّهِۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّكُلِّ صَبَّارٖ شَكُورٖ

Transliteration: (Wa laqad arsalnaa Moosaa bi Aayaatinaa an akhrij qawmaka minaz zulumaati ilan noori wa zak kirhum bi ayyaamil laah; inna fee zaalika la aayaatil likulli sabbaarin shakoor)

और निश्चय ही हमने मूसा को अपनी निशानियों के साथ भेजा कि, "अपनी क़ौम को अंधेरों से निकाल कर प्रकाश की ओर लाओ, और उन्हें अल्लाह के दिनों (ऐतिहासिक घटनाओं) की याद दिलाओ।" निस्संदेह इसमें प्रत्येक बड़े धैर्यवान, कृतज्ञ (सब्बार व शकूर) के लिए बड़ी निशानियां हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 5 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अय्यामिल्लाह (अल्लाह के विशेष दिन)

'अय्यामिल्लाह' से अभिप्राय इतिहास के वे ऐतिहासिक दिन हैं जब अल्लाह ने अपने नेक बंदों पर विशेष कृपा और चमत्कार फ़रमाए (जैसे फ़िरऔन से मुक्ति, मन्न-ओ-सलवा का उतरना) और नाफ़रमानों को उनके पापों की सज़ा दी।

✅ [2] सब्र और शुक्र: मोमिन के दो पंख

सच्चा मोमिन कठिनाई और आज़माइश में 'सब्बार' (अत्यधिक सब्र करने वाला) और सुख व नेमत में 'शकूर' (अत्यधिक शुक्रगुज़ार) होता है।

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