कुरान - 14:2 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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ٱللَّهِ ٱلَّذِي لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ وَوَيۡلٞ لِّلۡكَٰفِرِينَ مِنۡ عَذَابٖ شَدِيدٍ

Transliteration: (Allaahil lazee lahoo maa fis samaawaati wa maa fill ard; wa wailul lilkaafireena min 'azaabin shadeed)

अल्लाह, जिसका वह सब कुछ है जो आकाशों में है और जो कुछ धरती में है; और इनकार करने वालों (काफ़िरों) के लिए एक कठोर यातना (अज़ाब) के कारण बड़ा विनाश है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 2 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पूरी कायनात का सच्चा स्वामी

आकाश और धरती की प्रत्येक वस्तु अल्लाह की मिल्कियत है। जो लोग इस सच्चाई का इनकार करके सरकशी करते हैं, उनके लिए आख़िरत में भयानक अज़ाब और तबाही तय है।

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