कुरान - 19:23 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
فَأَجَآءَهَا ٱلۡمَخَاضُ إِلَىٰ جِذۡعِ ٱلنَّخۡلَةِ قَالَتۡ يَٰلَيۡتَنِي مِتُّ قَبۡلَ هَٰذَا وَكُنتُ نَسۡيٗا مَّنسِيّٗا

Transliteration: (Fa ajaaa 'ahal makhaadu ilaa jiz'in nakhlati qaalat yaa laitanee mittu qabla haazaa wa kuntu nasyam mansiyyaa)

फिर दर्द-ए-ज़ेह (प्रसव पीड़ा) उन्हें एक खजूर के तने के पास ले आया; वे कहने लगीं, 'हाय काश! मैं इससे पहले ही मर गई होती और भूली-बिसरी हो गई होती!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 23

✅ हज़रत मरयम की बेबसी और आज़माइश की इंतहा

विलादत के शदीद दर्द और बदनामी के ख़ौफ़ से हज़रत मरयम के मुंह से यह दर्दभरा जुमला निकला कि काश मैं पहले ही मर गई होती और किसी को मेरा नाम भी याद न होता! यह एक निहायत पाकदामन औरत की ग़ैरत और हया का इम्तिहान था।

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