कुरान - 19:21 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
قَالَ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ هُوَ عَلَيَّ هَيِّنٞۖ وَلِنَجۡعَلَهُۥٓ ءَايَةٗ لِّلنَّاسِ وَرَحۡمَةٗ مِّنَّاۚ وَكَانَ أَمۡرٗا مَّقۡضِيّٗا

Transliteration: (Qaala kazaaliki qaala Rabbuki huwa 'alaiya haiyimunw wa linaj 'alahooo Aayatal linnaasi wa rahmatam minnaa; wa kaana amram maqdiyyaa)

फ़रिश्ते ने कहा, 'यूँ ही होगा; तेरे रब ने फ़रमाया है कि यह मेरे लिए बहुत आसान है; और ताकि हम उसे लोगों के लिए एक निशानी और अपनी तरफ़ से एक रहमत बनाएं; और यह एक तयशुदा (फ़ैसला किया हुआ) अम्र है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 21

✅ बग़ैर बाप के पैदाइश: अल्लाह की क़ुदरत का अज़ीम मौजिज़ा

हज़रत जिब्रील ने फ़रमाया कि अल्लाह के लिए बिना बाप के बच्चा पैदा करना कोई मुश्किल नहीं। अल्लाह हज़रत ईसा को इंसानियत के लिए अपनी कु़दरत की अज़ीम निशानी और रहमत बनाना चाहता है, और यह फैसला अल्लाह की तक़दीर में तय हो चुका है।

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