कुरान - 19:90 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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تَكَادُ ٱلسَّمَٰوَٰتُ يَتَفَطَّرۡنَ مِنۡهُ وَتَنشَقُّ ٱلۡأَرۡضُ وَتَخِرُّ ٱلۡجِبَالُ هَدًّا

Transliteration: (Takaadus samaawaatu yatafattarna minhu wa tanshaq qul ardu wa takhirrul jibaalu haddaa)

क़रीब है कि आसमान इस बात से फट पड़ें, और ज़मीन टुकड़े-टुकड़े हो जाए, और पहाड़ ढह कर रेज़ा-रेज़ा गिर पड़ें— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 90 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 90

✅ कायनात का लरज़ उठना

अल्लाह के लिए औलाद ठहराने के इस भयानक गुनाह से पूरी कायनात लरज़ उठती है: आसमान फटने के क़रीब हो जाता है, ज़मीन फटने लगती है और अज़ीम पहाड़ डर के मारे रेज़ा-रेज़ा होकर गिरने लगते हैं।

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