कुरान - 50:15 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
أَفَعَيِينَا بِٱلۡخَلۡقِ ٱلۡأَوَّلِۚ بَلۡ هُمۡ فِي لَبۡسٖ مِّنۡ خَلۡقٖ جَدِيدٖ

Transliteration: (Afa'a yeenaa bilkhalqil awwal; bal hum fee labsim min khalqin jadeed)

तो क्या हम पहली बार पैदा करने से थक गए थे? बल्कि वे नई पैदाइश (दोबारा ज़िंदा किए जाने) की तरफ़ से शक में पड़े हुए हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 15

✅ पहली तख़लीक़ से दोबारा तख़लीक़ की दलील

जिस अल्लाह ने इंसान को पहली मर्तबा अदम (ना-बूद) से वजूद बख़्शा, उसे दोबारा पैदा करने में क्या दुश्वारी हो सकती है? मुनकिरीन का शक बे-बुनियाद है।

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